Friday, February 13

Natioanal

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट घोटालों में CBI को इंटरपोल की मदद लेने का दिया निर्देश
Natioanal

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट घोटालों में CBI को इंटरपोल की मदद लेने का दिया निर्देश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट घोटालों के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए CBI को आदेश दिया है कि वह विदेशी साइबर अपराधियों तक पहुँचने के लिए इंटरपोल की मदद ले। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि टेलीकॉम सेवा प्रदाता किसी एक व्यक्ति या इकाई को कई सिम कार्ड जारी न करें, क्योंकि उनका दुरुपयोग साइबर अपराधों में हो सकता है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए निर्देश:कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा कि वे क्षेत्रीय और राज्य स्तरीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र स्थापित करें। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को निर्देश दिया गया कि गृह मंत्रालय, दूरसंचार विभाग, वित्त मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सहित संबंधित मंत्रालयों के विचार साइबर अपराध मामलों से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं। CBI को दी गई पूरी स्वतंत्रता:सुप्रीम को...
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में जीपीएस स्पूफिंग की घटनाएँ, विमान संचालन पर अभी कोई असर नहीं
Natioanal

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में जीपीएस स्पूफिंग की घटनाएँ, विमान संचालन पर अभी कोई असर नहीं

नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने राज्यसभा में जानकारी दी कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित प्रमुख हवाई अड्डों के पास उड़ानों को जीपीएस स्पूफिंग की घटनाओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, पारंपरिक नेविगेशन उपकरण चालू रहने के कारण उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। क्या है जीपीएस स्पूफिंग?जीपीएस स्पूफिंग एक तरह का साइबर हमला है, जिसमें ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) को धोखा देकर विमान या किसी डिवाइस को गलत लोकेशन और स्पीड दिखाया जाता है। इसे जैमिंग से अलग माना जाता है। जैमिंग में सिग्नल ब्लॉक होते हैं, जबकि स्पूफिंग में गलत डेटा दिखाकर भ्रम पैदा किया जाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति दिल्ली के करोलबाग इलाके में है, तो उसके फोन पर जीपीएस लोकेशन 10 किलोमीटर दूर दिख सकता है। सरकार की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय:केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिट...
हर भारतीय के फोन में ‘संचार साथी’ ऐप: कांग्रेस ने उठाए निजता के सवाल
Natioanal, Politics

हर भारतीय के फोन में ‘संचार साथी’ ऐप: कांग्रेस ने उठाए निजता के सवाल

नई दिल्ली: भारत सरकार ने सभी स्मार्टफोन निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे अपने डिवाइस में ‘संचार साथी’ ऐप को प्री-इंस्टॉल करें। यह आदेश 21 नवंबर को जारी हुआ और कंपनियों को इसे लागू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। सरकार का तर्क है कि यह कदम साइबर सुरक्षा मजबूत करने और IMEI नंबर में छेड़छाड़ रोकने के लिए है। कांग्रेस का विरोध:कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे असंवैधानिक करार दिया। उनका कहना है कि यह ऐप निजता के अधिकार का उल्लंघन है और हर भारतीय की हर गतिविधि, बातचीत और निर्णय पर नजर रखने का साधन बन सकता है। उन्होंने इसे भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। विशेषज्ञों की राय:टेक पॉलिसी एनालिस्ट निखिल पाहवा ने इस कदम को मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए बुरी खबर बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन व्यक्तिगत स्थान है, ...
8 राज्यों में ‘राजभवन’ बने ‘लोक भवन’, औपनिवेशिक नाम से हटाया गया प्रतिबिंब
Natioanal, Politics

8 राज्यों में ‘राजभवन’ बने ‘लोक भवन’, औपनिवेशिक नाम से हटाया गया प्रतिबिंब

नई दिल्ली: भारत सरकार के निर्देश के बाद देश के आठ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश ने अपने राज भवनों के नाम बदलकर लोक भवन कर दिए हैं। इस कदम का उद्देश्य औपनिवेशिक मानसिकता को दूर करना और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम, उत्तराखंड, ओडिशा, गुजरात और त्रिपुरा ने अपने राज भवनों का नाम बदल दिया है। वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल के निवास कार्यालय का नाम अब लोक निवास रखा गया है, जिसे पहले राज निवास कहा जाता था। नाम बदलने की वजह:केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल राज्यपालों के सम्मेलन में हुई चर्चा का हवाला देते हुए बताया कि ‘राज भवन’ नाम औपनिवेशिक युग की मानसिकता को दर्शाता है। इसलिए अब राज्यपालों और उपराज्यपालों के कार्यालयों को लोकतांत्रिक दृष्टि से उपयुक्त नाम दिए गए हैं। ऐतिहासिक बदलाव की श्रृंखला:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के तहत भ...
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाने से किया इनकार, ट्रिब्यूनल के पास है अधिकार
Natioanal

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ रजिस्ट्रेशन की समय सीमा बढ़ाने से किया इनकार, ट्रिब्यूनल के पास है अधिकार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने UMEED पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड करने की समय-सीमा बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया है। पीठ ने स्पष्ट किया कि यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट ऐक्ट (धारा 3B) के तहत समय बढ़ाने का अधिकार केवल वक्फ ट्रिब्यूनलों को है। सुप्रीम कोर्ट की पीठ में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने आवेदकों को समय-सीमा से पहले संबंधित ट्रिब्यूनलों से संपर्क करने की अनुमति दी। आवेदकों की दलील:सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि संशोधन 8 अप्रैल को लागू हुआ और पोर्टल 6 जून को तैयार किया गया। नियम 3 जुलाई को बनाए गए और 15 सितंबर को अंतरिम आदेश आया। इसलिए छह महीने की समय-सीमा काफी कम है। कई वक्फ 100-125 साल पुराने हैं और उनके दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं, जिससे पोर्टल पर अपलोड करना कठिन हो गया। सीनियर वकील डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी न...
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा विवाद: पाकिस्तान को आर्थिक झटका, भारत को फायदा
Natioanal

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा विवाद: पाकिस्तान को आर्थिक झटका, भारत को फायदा

नई दिल्ली: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद और बढ़ते तनाव ने दोनों देशों के व्यापार पर गहरा असर डाला है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान का हवाला देते हुए दावा किया गया कि खैबर पख्तूनख्वा ऐतिहासिक रूप से अफगानिस्तान का हिस्सा था और पंजाब भारत का है। विशेषज्ञों के अनुसार, वीडियो में इमरान खान के बयान की असलियत सही लगती है। उन्होंने 2019 में कहा था कि डूरंड लाइन ब्रिटिश द्वारा बनाई गई थी और यहां कोई वास्तविक सीमा नहीं है। हालांकि, वीडियो में जोड़े गए ग्राफिक्स, जैसे “पाकिस्तान नहीं है”, पूरी तरह तथ्यात्मक नहीं हैं। इतिहास की झलक: खैबर पख्तूनख्वा ऐतिहासिक रूप से अफगानिस्तान का हिस्सा रहा, लेकिन 1893 में खींची गई डूरंड लाइन के बाद यह पाकिस्तान में शामिल हो गया। पंजाब का बंटवारा 1947 में भारत-पाक के विभाजन के दौरान हु...
महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव में कोई बाधा नहीं, चीफ जस्टिस सूर्यकांत का स्पष्ट निर्देश
Natioanal, Politics

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव में कोई बाधा नहीं, चीफ जस्टिस सूर्यकांत का स्पष्ट निर्देश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के परिसीमन प्रक्रिया की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि राज्य में 2022 से रुके हुए चुनावों में अब किसी भी तरह की बाधा नहीं आने दी जाएगी। याचिकाकर्ता निखिल के. कोलेकर ने राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम परिसीमन प्रस्तावों को मंजूरी देने का अधिकार डिविजनल कमीश्नर को सौंपने को चुनौती दी थी। वरिष्ठ अधिवक्ता सुधांशु चौधरी ने तर्क दिया कि निर्वाचन क्षेत्रों के विभाजन की मंजूरी का अधिकार केवल राज्य निर्वाचन आयोग के पास है, और इसे अन्य अधिकारियों को सौंपना संवैधानिक जिम्मेदारी से हटना है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार किया और कहा कि वे किसी भी ऐसी याचिका पर विचार नहीं करेंगे जो चुनावों में देरी कर सकती हो। चीफ जस...
नेशनल हेराल्ड केस में ईडी ने दर्ज की नई एफआईआर, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
Natioanal, Politics

नेशनल हेराल्ड केस में ईडी ने दर्ज की नई एफआईआर, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले ने फिर से राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की। कांग्रेस ने इस कदम को लेकर कड़ा विरोध जताया है। एआईसीसी के लॉ, ह्यूमन राइट्स और आरटीआई विभाग के चेयरमैन अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि केंद्र सरकार देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और असफल विदेश नीति से ध्यान हटाने के लिए नेशनल हेराल्ड मामले को हवा दे रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ईडी और भाजपा को “नोबेल पुरस्कार” मिलना चाहिए कि कैसे बिना अपराध के मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनाया जा सकता है। सिंघवी ने बताया कि नेशनल हेराल्ड की पैरेंट कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) एक पुरानी और आदर्शों पर आधारित कंपनी है। कांग्रेस ने समय-समय पर एजेएल को वित्तीय मदद दी, जो कुल...
एटॉमिक एनर्जी बिल: परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों की एंट्री, क्या बदलेगा और क्या होगा फायदा?
Natioanal, Opinion

एटॉमिक एनर्जी बिल: परमाणु क्षेत्र में निजी कंपनियों की एंट्री, क्या बदलेगा और क्या होगा फायदा?

नई दिल्ली: मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में जिस एटॉमिक एनर्जी बिल 2025 को पेश करने जा रही है, उसने राजनीतिक और औद्योगिक दोनों ही हलकों में उत्सुकता बढ़ा दी है। यह बिल पहली बार निजी कंपनियों को असैन्य (सिविल) परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने की अनुमति देने का रास्ता खोल सकता है। माना जा रहा है कि यह कदम भारत की ऊर्जा क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई देगा। PM मोदी का बड़ा ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि सरकार न्यूक्लियर सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उनके अनुसार— निजी भागीदारी से छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर, एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, और नवाचार (इनोवेशन)को बढ़ावा मिलेगा। भारत का लक्ष्य 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन करने का है, और नया विधेयक इस दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। एटॉमिक एनर्जी...
खरगे के बयान से राज्यसभा में हंगामा, BJP ने बताया सभापति का अपमान
Natioanal, Politics

खरगे के बयान से राज्यसभा में हंगामा, BJP ने बताया सभापति का अपमान

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत पहले ही दिन हंगामेदार रही। राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान ने सदन में तीखी बहस छेड़ दी। खरगे ने सदन में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जिक्र किया, जिसे भाजपा ने सभापति का अपमान बताया और विरोध शुरू कर दिया। खरगे के बयान से बिगड़ा माहौल राज्यसभा में बोलते हुए खरगे ने कहा कि उन्हें यह कहते हुए दुख है कि पूर्व सभापति (जगदीप धनखड़) को सदन से विदाई देने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने नए सभापति सीपी राधाकृष्णन से उम्मीद जताई कि वे इस उल्लेख को गलत नहीं मानेंगे।खरगे के इतना कहते ही सत्तापक्ष नाराज हो गया और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। जेपी नड्डा का पलटवार राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने खरगे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सम्मान समारोह की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है और बिना वजह ऐसे ...